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राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस

बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों में जिज्ञासा उत्पन्न करने, उनकी रचनात्मकता को उजागर करने एवं उनकी कल्पना को साकार करने का अवसर प्रदान करती है। यह कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (एन.सी.एस.टी.सी.), भारत सरकार द्वारा उत्प्रेरित एवं प्रायोजित है। एन.सी.एस.टी.सी., भारत सरकार द्वारा चयनित मुख्य कथानक एवं उप कथानक, जो दो वर्ष के लिये घोषित की जाती है, से संबंधित विषयों पर बच्चे परियोजना का निर्माण करते हैं। चयनित बाल वैज्ञानिक प्रतिवर्ष 27 दिसंबर से 31 दिसंबर की अवधि में चयनित स्थानों में राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक कांग्रेस में भाग लेते हैं।

कार्यक्रम को इस उद्देश्य से परिकल्पित किया गया है:

  • बच्चों को एक मंच प्रदान करना जहां वे अपनी जिज्ञासा को आगे बढ़ा सके और रचनात्मक कार्य करने की प्यास बुझा सके।
  • भौतिक और सामाजिक वातावरण के परिपेक्ष्य में स्कूलों में पढ़ाने व सिखाने की प्रक्रिया में बदलाव करना।
  • बच्चों को राष्ट्र के भविष्य की कल्पना करने और संवेदनशील, जिम्मेदार नागरिकों की एक पीढ़ी बनाने में मदद करने के लिये प्रोत्साहित करना।
  • वैज्ञानिक चेतना को झंझकोरता है तथा प्रयोग, आंकड़ा संकलन, शोध विश्लेषण एवं नवाचारयुक्त प्रक्रिया से परिणाम तक पहुंचने हेतु प्रेरित करना।
  • बाल विज्ञान कांग्रेस के मुख्य कथानक विविध हैं, जो राष्ट्रीय महत्व के हैं ।

राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस परियोजनाओं की प्रकृति

  • नवाचारयुक्त, साद्गीयुक्त एवं व्यवहारिक हो।
  • सामूहिक कार्य दर्शायें।
  • रोजमर्रा जिन्दगी के अन्वेषण पर आधारित हों।
  • क्षेत्र आधारित आंकड़े सम्मिलित हों।
  • वैज्ञानिक विधि पर आधारित निश्चित निष्कर्ष हों।
  • सामुदायिक क्रिया/कार्य से संबंध रखता हो।
  • इसकी निश्चित अनुवर्ती योजना (Follow-up plans) हो।

भाग लेने वालों की पात्रता

राबाविका में 10-17 वर्ष के (31 दिसंबर को) युवा वैज्ञानिक भाग ले सकते हैं। यह कार्यक्रम सिर्फ विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि ऐसे बच्चे जो विद्यालय छोड़ चुके हैं या हाशिए पर खड़े जन-समूह के हैं, भी इस कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं।

शोध का क्षेत्र

बाल विज्ञान कांग्रेस हेतु हरेक वर्ष एक मुख्य विषय घोषित किया जाता है। बच्चे मुख्य विषय एवं इसके चिन्हित उपविषयों से जुड़ी हुई परियोजना गतिविधि करते है। गतिविधि मार्गदर्शक पुस्तिका बच्चों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों की मदद के लिए उपलब्ध रहती है। बच्चों को समूह (5 या उससे कम) परियोजना गतिविधि, मार्ग दर्शक शिक्षक, वैज्ञानिक, विज्ञान क्लब के संयोजक, स्वयंसेवी संस्थाओं के विज्ञान कर्मी आदि के मार्गदर्शन में संपन्न करते हैं। शिक्षकों/मार्गदर्शकों के लिए हर वर्ष राबाविका के मुख्य विषय पर विशेष दिशा निर्देशन का आयोजन किया जाता है।

इस वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य कथानक "Science, Technology & Innovation for Clean, Green and Healthy Nation" है।

क्रियाशीलन समय-तालिका

  • गतिवधि के विषय चुनकर टीम/ग्रुप का पंजीकरण: जून-जुलाई प्रति वर्ष।
  • मुख्य कथानक तथा उप कथानक से संबंधित परियोजनाओं पर क्रियाशीलनः अगले दो तीन महीनों तक।
  • जिला स्तरीय सम्मेलन: सितम्बर-अक्टूबर तक।
  • राज्य स्तरीय सम्मेलन: नवम्बर तक।
  • राष्ट्रीय सम्मेलन: 27-31 दिसम्बर।
  • इंडियन साईस कांग्रेस: 03-07 जनवरी।
  • किशोर वैज्ञानिक सम्मेलन (इंडियन साईस कांग्रेस): 04-06 जनवरी।

परखना/जाँचना

परियोजनायें चुनने का अनुपात निम्नलिखित होना चाहिए:

  • राष्ट्रीय: राज्य स्तर = 1ः10
  • राज्य स्तर: जिला स्तर = 1ः15
  • अर्थात जिला मे प्रेषित 15 में से एक परियोजना राज्य के लिए चयनित होगी
  • निम्न आयु स्तर (10 से 14 वर्ष तक) एवं उच्च आयु वर्ग (14 $ से 17 वर्ष तक) का अनुपात 40: 60 होना चाहिए।

पुरस्कृत बाल वैज्ञानिकों की सूची

निर्णायकों की सूची

वित्तीय वर्ष 2017-18 में विमुक्त राशि का विवरण

उपलब्धियां

  • स्टेट मीट आॅन प्रोमोटिंग स्पेश टेक्नोलाॅजी बेस्ड टूल्स एण्ड एप्लीकेशन इन गवर्नेन्स एण्ड डेवल्पमेंट।
  • ईयर आॅफ सांईनटिफिक अवेयनेस-2004।
  • वीनस ट्रानसिट-2004।
  • रीजनल ओरीएनटेशन वर्कशाॅप आॅन माइक्रोआरगेनिजमसः लेट अस ओबसर्व एण्ड लर्न।