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मिनी रिसर्च प्रोजेक्ट्स

लघुशोध परियोजना : अनुसंधान एवं विकासिय प्रोत्साहन योजनाएं

  • छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद राज्य के विश्वविद्यालय, महाविद्यालय एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थाओं में होने वाले अनुसंधान एवं विकासिय गतिविधियों को लघुशोध परियोजना के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं।
  • लघुशोध परियोजना के अंतर्गत निम्न मुख्य विषयों पर स्वीकृति दी जाती हैंः-
जैविक विज्ञान
  • जन्तु विज्ञान
  • जैव भौतिकी, जैव रासायन, आणविक जीव विज्ञान
  • स्वास्थ्य विज्ञान
  • वनस्पत्ति विज्ञान
अभियांत्रिकी विज्ञान
  • रसायनिक अभियांत्रिकी
  • विद्युतीय, इलेक्ट्रानिक एवं कम्प्यूटर इंजीनियरिंग
  • यांत्रिकी, सिविल इंजीनियरिंग
  • यंत्र मानव एवं विनिर्माण
भौतिकी विज्ञान
  • स्ंघनित पदार्थ भौतिकी एवं द्रव्य विज्ञान
  • लेसर, प्रकाशिकी, परमाणु एवं आणविक भौतिकी
  • प्लाजमा, उच्च ऊर्जा, नाभिकीय भौतिकी, खगोल विज्ञान एवं अरेखीय गतिशीलता
रासायन विज्ञान
  • अकार्बनिक रासायन
  • कार्बनिक रासायन
  • भौतिकीय रासायन
पृथ्वी एवं वायुमण्डलीय विज्ञान
  • वायुमण्डलीय विज्ञान
  • पृथ्वी विज्ञान
सामाजिक विज्ञान
  • सामाजशास्त्र
  • अर्थशास्त्र
गणितीय विज्ञान
  • गणित एवं सांख्यिकीय
  • अनुसंधान कार्य के आवश्यकतानुसार लघुशोध परियोजना एक से तीन वर्षों हेतु स्वीकृत की जाती हैं। जिसमें अधिकतम अनुदान राशि रू. 5 लाख हैं।
  • "वर्तमान में यह दस्तावेज हिन्दी में उपलब्ध नहीं हैं , यह जानकारी अंग्रेजी में देखने अथवा प्राप्त करने के लिए नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक करें।"

  • लघुशोध परियोजना प्रस्ताव का प्ररूप पत्र.....क्लिक करें।

वर्षवार स्वीकृत लघुशोध परियोजनायें:-

उपलब्धियां

  • स्टेट मीट आॅन प्रोमोटिंग स्पेश टेक्नोलाॅजी बेस्ड टूल्स एण्ड एप्लीकेशन इन गवर्नेन्स एण्ड डेवल्पमेंट।
  • ईयर आॅफ सांईनटिफिक अवेयनेस-2004।
  • वीनस ट्रानसिट-2004।
  • रीजनल ओरीएनटेशन वर्कशाॅप आॅन माइक्रोआरगेनिजमसः लेट अस ओबसर्व एण्ड लर्न।